ऊँचो घालूँ झूलनों मैं, बांधू रेशम डोर
खाटू से बेगा सा आओ, श्याम धनी चितचोर
झूलो झूलो म्हारा श्याम, झूलो झूलो म्हारा श्याम
धोरा री धरती में बिरखा बरसे म्हारा राम
रिंगस सू खाटू को रस्तो हो गयो कीचम कीच
बिरखा माही नाचे सेवक दोन्यु आंख्या मींच
झूलो झूलो म्हारा श्याम, झूलो झूलो म्हारा श्याम
धोरा री धरती में बिरखा बरसे म्हारा राम
इमरत बरसे प्रेम को जी भीजे म्हारी देह
ढोल बजा कर कह दयू महने साँवरिया सू नेह
झूलो झूलो म्हारा श्याम, झूलो झूलो म्हारा श्याम
धोरा री धरती में बिरखा बरसे म्हारा राम
दादुर और पपैया बोले कोयल करती शोर
मोटी मोटी बूँद पड़े म्हारो नाचे मन को मोर
झूलो झूलो म्हारा श्याम, झूलो झूलो म्हारा श्याम
धोरा री धरती में बिरखा बरसे म्हारा राम